विधवा योग में उतपन्न कन्या
Author- Swami Anubhavananda
हनुमान तंत्र साधना बजरंगवली के उपासना रहस्यों को उद्घाटित करती है l उपासना या साधना शंका का नहीं आस्था और विश्वास का विषय है l इस ग्रन्थ में सम्मलित यंत्र और मन्त्र प्राचीन हस्तलिपियों और पांडुलिपियों से लिए गए है l यह पुस्तक हनुमान भक्तो के लिए विशेष रूप से संग्रहणीय है l
विभिन्न भावो और ग्रहों की शक्ति जानने के लिए कुंण्डली और नवांश का अध्ययन साथ-साथ करते है I वैदिक ज्योतिष में नवांश की एक उत्कृष्ट स्थिति है और इसके बहुपक्षीय प्रयोग तथा निपुणता किसी भी विषय के सूक्ष्म परिक्षण और गहन अध्ययन के लिए बरबस ध्यान आकर्षित करती है I जेमिनी और नाड़ी पद्धति के अतिरिक्त ज्ञान और बुद्धिमतापूर्ण सिद्धांतो ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया है I लेखक ने इन दोनों पद्धतियों का समावेश इस पुस्तक में करने का प्रयास किया है I जन्म कुंण्डली का अध्ययन भावो और ग्रहों के केवल स्थूल संकेत और गुण बताते है I जबकि नावश उनके विस्तृत और सूक्षतम् गुणों को बताते है I नवांश का आकार और विस्तार मूल रूप से एक चौथाई भाग के बराबर है I एक भाव / राशि लगभग ३० डिग्री का होता है जबकि नवांश उसका सूक्षतम् रूप (राशि का १/९ भाग या केवल ३" २०' ही) है जो इसे विलक्षण गुण देता है I
* कुण्डली बनाने की आधुनिक एवं पारम्परिक विधि I
Brihat Jatakam [Hindi] Know About Rahu & Ketu [English] विधवा योग में उतपन्न कन्याAuthor SC Mishra (Suresh Chandra Mishra) , , , , ,, , , , , , ( ) ( ) , ,